आरती श्री जिनराज की | Aarti shree Jinraj ki

आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

सुर-नर-असुर करत तुम सेवा, तुम्ही सब देवन के देवा |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

पंच महाव्रत दुद्धर धारे, राग दोष परिणाम विदारे |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

भव भय भीत शरण जे आये, ते परमार्थ पंथ लगाये |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

जो तुम नाम जपे मनमाहीं, जनम-मरण भय ताको नाही |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

समवशरण सम्पूरण शोभा, जीते क्रोध मान छल लोभा |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

तुम गुण हम कैसे करि गावें, गणधर कहत पार नहीं पावें |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

करुणासागर करुणा कीजे, द्यानत सेवक को सुख दीजे |
आरती श्री जिनराज तिहारी, करम दलन संतन हितकारी ||

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