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काल भैरव कवच | Shree Kaal Bhairav Kavach

काल भैरव कवच के फायदे

मनचाही सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए काल भैरव की पूजा काल भैरव कवच के साथ काल भैरव जयंती के दिन करनी चाहिए।


काल भैरव कवच
ॐ सहस्त्रारे महाचक्रे कर्पूरधवले गुरुः। 
पातु मां बहुको देवो भैरवः सर्वकर्मसु।। 

पूर्वस्यामसितांगो मां दिशि रक्षतु सर्वदा।
आग्नेयां च रुरुः पातु दक्षिणे चण्ड भैरवः।।
 
नैऋत्यां क्रोधनः पातु उन्मत्तः पातु पश्चिमे। 
वायव्यां मां कपाली च नित्यं पायात् सुरेशवरः।। 

भीषणो भैरवः पातु उत्तरास्यां तु सर्वदा। 
संहार भैरवः पायादीशान्यां च महेश्वरः।। 

ऊर्ध्वं पातु विधाता च पाताले नन्दको विभुः। 
सद्योजातस्तु मां पायात् सर्वतो देवसेवितः।। 

रामदेवो वनान्ते च वने घोरस्तथावतु। 
जले तत्पुरुषः पातु स्थले ईशान एव च।। 

डाकिनी पुत्रकः पातु पुत्रान् में सर्वतः प्रभुः। 
हाकिनी पुत्रकः पातु दारास्तु लाकिनी सुतः।। 

पातु शाकिनिका पुत्रः सैन्यं वै कालभैरव। 
मालिनी पुत्रकः पातु पशूनश्वान् गंजास्तथा।। 

महाकालोऽवतु क्षेत्रं श्रियं मे सर्वतो गिरा।
वाद्यम् वाद्यप्रियः पातु भैरवो नित्यसम्पदा।।

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